बजट 2026: क्या बोले स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गज और बिजनेस लीडर? जानिए...
बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा, मैन्युफैक्चरिंग और MSMEs के लिए सहूलियतों के साथ-साथ रोजगार सृजन पर फोकस ने अलग-अलग सेक्टर्स में चर्चा तेज कर दी है. आइए जानते हैं बजट पर इंडस्ट्री लीडर्स की पहली और अहम प्रतिक्रियाएं...
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसने देश की आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास के रोडमैप को स्पष्ट संकेत दिए हैं. वैश्विक आर्थिक दबावों, घरेलू मांग को मजबूत करने की जरूरत और भारत की दीर्घकालिक विकास महत्वाकांक्षाओं के बीच पेश किया गया यह बजट उद्योग जगत के लिए खास मायने रखता है.
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा, मैन्युफैक्चरिंग और MSMEs के लिए सहूलियतों के साथ-साथ रोजगार सृजन पर फोकस ने अलग-अलग सेक्टर्स में चर्चा तेज कर दी है. स्टार्टअप इकोसिस्टम से लेकर पारंपरिक उद्योगों तक, हर वर्ग यह आंकलन कर रहा है कि ये घोषणाएं उनके कारोबार, निवेश योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों को किस तरह प्रभावित करेंगी.
ऐसे में, उद्योग जगत के दिग्गजों, उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और सेक्टर एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रियाएं बजट के निहितार्थों को समझने का अहम जरिया बनती हैं. बजट 2026-27 पर उनकी राय न सिर्फ संभावनाओं को उजागर करती है, बल्कि उन क्षेत्रों की ओर भी इशारा करती है जहां और स्पष्टता या समर्थन की उम्मीद की जा रही है.
आइए जानते हैं बजट पर इंडस्ट्री लीडर्स की पहली और अहम प्रतिक्रियाएं...
Salesforce South Asia की President & CEO अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, बजट 2026 भारत को तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI-समर्थित इनोवेशन का लीडर बनाने की दिशा में मजबूत कदम है. क्लाउड सेवाओं को 2047 तक टैक्स राहत और MSMEs के लिए ग्रोथ फंड जैसे फैसले भविष्य की नींव रखते हैं. शिक्षा, रोजगार और AI को जोड़ने की सोच दिखाती है कि सरकार आने वाली पीढ़ियों पर फोकस कर रही है. अब जरूरत है R&D में निवेश बढ़ाने की, ताकि भारत AI का सिर्फ उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता भी बने.
Probus के Director राकेश गोयल ने कहा, यह बजट सुर्खियां बनाने के बजाय अर्थव्यवस्था को सही दिशा में स्थिर रखने पर केंद्रित है. MACT के ब्याज पर TDS हटाना दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक संवेदनशील और मानवीय फैसला है. मेडिकल हब और केयरगिवर ट्रेनिंग पर जोर से इलाज की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से इंश्योरेंस सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा और ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ का लक्ष्य मजबूत होगा.
CoinSwitch के Co-founder आशीष सिंघल ने कहा, क्रिप्टो सेक्टर के लिए स्पष्ट पेनल्टी नियम आना एक सकारात्मक कदम है. इससे टैक्स कंप्लायंस को मजबूती मिलेगी और यूजर्स को रिपोर्टिंग से जुड़े जोखिमों से सुरक्षा मिलेगी. लेकिन Web3 की असली ग्रोथ के लिए टैक्स फ्रेमवर्क में संतुलन जरूरी है. CoinSwitch सरकार के साथ मिलकर यूजर फर्स्ट और व्यवहारिक टैक्स सिस्टम की दिशा में काम करता रहेगा.
Techugo के CEO अभिनव सिंह ने कहा, बजट 2026 से भारत में ग्लोबल क्लाउड कंपनियों को निवेश का साफ संदेश मिला है. इससे AI डेवलपमेंट तेज होगा और डेटा सुरक्षा भी मजबूत होगी. लोकल डेटा सेंटर से परफॉर्मेंस बेहतर होगी और नियमों का पालन आसान बनेगा. यह भारत को AI और क्लाउड का मजबूत ग्लोबल हब बनाएगा.
MY LYF CARE के Founder सतीश कुमार सिंह ने कहा, बायोफार्मा शक्ति के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन हेल्थटेक सेक्टर के लिए बड़ा कदम है. यह बजट रिसर्च, डिजिटल हेल्थ और क्लिनिकल ट्रायल्स को गति देगा. देसी बायोलॉजिक्स पर जोर से भरोसा और क्षमता दोनों बढ़ेंगी. भारत को ग्लोबल हेल्थटेक लीडर बनने में मदद मिलेगी.
Thrive Global AI की Co-founder & CEO प्रियंका एरोन ने कहा, क्लाउड सर्विसेज के लिए टैक्स स्थिरता भारत को स्थायी डिजिटल इनोवेशन सेंटर बनाने की दिशा दिखाती है. AI स्टार्टअप्स को साफ नीतियां और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा. भारत में डेटा सेंटर बनने से पूरा AI इकोसिस्टम मजबूत होगा. इससे ग्लोबल निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.
Alligator Automations के Founder & CEO श्रीनिवास चौधरी ने कहा, बजट में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस भविष्य के लिए जरूरी है. ISM 2.0 से स्मार्ट फैक्ट्रियों और ऑटोमेशन को बढ़ावा मिलेगा. इससे उत्पादन तेज होगा और गुणवत्ता बेहतर बनेगी. भारतीय उद्योग ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
Raj Cooling Systems के Founder & Chairman कल्पेश रामोलिया ने कहा, ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड MSMEs के लिए समय पर लिया गया फैसला है. पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास से लागत घटेगी और कामकाज सुधरेगा. बेहतर फंडिंग से कैश फ्लो की समस्या कम होगी. इससे रोजगार और कारोबार दोनों बढ़ेंगे.
BuyBuyCart के Co-founder & CEO आशीष पांडेय ने कहा, बजट 2026 में हाई वैल्यू फसलों पर फोकस किसानों के लिए फायदेमंद है. इससे तटीय और नट उत्पादक क्षेत्रों में आमदनी बढ़ेगी. बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन से ग्राहकों तक अच्छी गुणवत्ता पहुंचेगी. यह खेती को ज्यादा लाभकारी बनाएगा.
Ezeepay के Co-Founder & CEO शम्स तबरेज़ ने कहा, बजट 2026 से भारत की फाइनेंशियल सिस्टम पर भरोसा और मजबूत हुआ है. बैंकिंग और NBFC सेक्टर पर फोकस से फिनटेक इनोवेशन को सहारा मिलेगा. टेक्नोलॉजी के जरिए क्रेडिट पहुंच बढ़ेगी. यह समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम है.
Insight Cosmetics के Sales and Marketing Director मिहिर जैन ने कहा, बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग और MSMEs पर फोकस के चलते ब्यूटी कंपनियों के लिए सकारात्मक है. लोकल मैन्युफैक्चरिंग से क्वालिटी और स्केलेबिलिटी दोनों बेहतर होंगी. D2C ब्यूटी ब्रांड्स को टेक्नोलॉजी और टैलेंट तक आसान पहुंच मिलेगी. ‘मेक इन इंडिया’ से भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स ग्लोबल स्तर पर मजबूत बनेंगे.
Pee Safe के Senior Vice President Finance शोभित गुप्ता ने कहा, MSMEs को मजबूत करने पर सरकार का जोर घरेलू पर्सनल केयर ब्रांड्स के लिए बड़ा मौका है. मासिक स्वच्छता को मौलिक अधिकार मानना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अहम कदम है. फ्री सैनिटरी पैड और बेहतर सुविधाएं जागरूकता बढ़ाएंगी. यह समावेशी और टिकाऊ विकास की दिशा है.
Recode Studios के Co-founder धीरज बंसल ने कहा, ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड रोजगार और इनोवेशन दोनों को बढ़ावा देगा. रिटेल विस्तार के इस दौर में यह हमारे लिए अहम है. मैन्युफैक्चरिंग और MSMEs पर जोर लोकल सोर्सिंग को मजबूत करेगा. इससे गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ेगी.
MARS Cosmetics के Head of Finance प्रियम महाजन ने कहा, बजट 2026 ब्यूटी इंडस्ट्री के लिए उम्मीद जगाता है. MSMEs और घरेलू उत्पादन पर फोकस से जिम्मेदार विस्तार का रास्ता खुलेगा. इससे इनोवेशन और सप्लाई चेन मजबूत होगी. भारत ग्लोबल ब्यूटी हब बन सकता है.
Jenika Ventures के Founder and CEO अभिषेक राज ने कहा, बजट 2026 ने शहरी विकास को इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग से जोड़ा है. सिटी इकोनॉमिक रीजन से नए विकास क्लस्टर बनेंगे. राज्यों को ब्याज मुक्त लोन से प्रोजेक्ट्स तेज होंगे. इससे रियल एस्टेट के लिए स्थिर माहौल बनेगा.
TRG Group के Managing Director शोरब उपाध्याय ने कहा, बजट की नीतियां उभरते शहरी बाजारों के लिए उत्साहजनक हैं. सिटी इकोनॉमिक रीजन से योजनाबद्ध शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा. फाइनेंसिंग सुधारों से जोखिम घटेगा. टियर 2 और 3 शहरों में ग्रोथ मजबूत होगी.
Thermocool Home Appliances के Director Sales and Marketing तनुज गुप्ता ने कहा, बजट 2026 कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए अच्छी शुरुआत है. MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से ग्रोथ को गति मिलेगी. टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स से इनोवेशन बढ़ेगा. ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी.
Investor Home Solutions के Founder कंवर पाल सिंह ने कहा, बजट 2026 रियल एस्टेट के लिए संतुलित नीति ढांचा पेश करता है. इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से शहरों का विकास तेज होगा. REITs और गारंटी फंड से पूंजी तक पहुंच सुधरेगी. यह लंबे समय की ग्रोथ के लिए सहायक है.
Ayuvya Ayurveda की Co-Founder पवनजोत कौर ने कहा, बजट 2026 आयुर्वेद सेक्टर के लिए निर्णायक कदम है. रिसर्च और गुणवत्ता सुधार से वैश्विक भरोसा बढ़ेगा. नए संस्थान और बेहतर मानक आयुर्वेद को मजबूत बनाएंगे. इससे भारत वेलनेस के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा.
Hilary Rhoda के CMO & Co-Founder वत्सल अग्रवाल ने कहा, बजट 2026 में MSMEs को ग्रोथ का दूसरा इंजन मानना मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी मजबूती है. इससे नए कंज्यूमर ब्रांड्स को स्थिर और सपोर्टिव माहौल मिलेगा. ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर के लिए यह एक मजबूत आधार तैयार करता है. आगे R&D और एक्सपोर्ट पर फोकस भारत को ग्लोबल ब्यूटी हब बना सकता है.
Ashpveda के Founder हरि राम रिनवां ने कहा, बजट 2026 आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के लिए बदलाव की दिशा दिखाता है. नए ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट्स से रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा. AYUSH एक्सपोर्ट पर फोकस से किसानों और पूरी वैल्यू चेन को फायदा होगा. यह भारत को समग्र स्वास्थ्य का वैश्विक लीडर बनाता है.
DishiS Designer Jewellery की Founder दिशी सोमानी ने कहा, बजट 2026 ने सोने और चांदी के सेक्टर में स्थिरता बनाए रखी है. नीति में निरंतरता से ग्राहकों और ज्वेलर्स दोनों का भरोसा बढ़ता है. MSMEs के लिए अनुकूल माहौल से डिजाइन इनोवेशन और पारदर्शिता को बल मिलेगा. इससे ज्वेलरी इंडस्ट्री और मजबूत होगी.
Gargee Designer’s के MD & CFO रोहन गुप्ता ने कहा, बजट 2026 टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक संकेत देता है. नेशनल फाइबर स्कीम आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेक्टर की ओर कदम है. पारंपरिक और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग को जोड़ने पर जोर अहम है. यह टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा.
Easiloan के Founder & CEO प्रमोद कथूरिया ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 में आवास और शहरी विकास को भारत की ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा बताया गया है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश से घरों की मांग के लिए माहौल सकारात्मक बना हुआ है. टैक्स और ब्याज दरों में साफ और स्थिर नीति से खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा. लंबे समय तक घर के स्वामित्व को बढ़ावा देने वाली नीतियां हाउसिंग सेक्टर की रफ्तार बनाए रखेंगी.
Niqo Robotics के Founder & CEO जयसिंह राव ने कहा, भारत-VISTAAR की शुरुआत से खेती के लिए भरोसेमंद डिजिटल आधार मजबूत होगा. AI आधारित सलाह से किसानों को सही फैसले लेने में मदद मिलेगी. इससे उत्पादकता बढ़ेगी और जोखिम कम होगा. खासकर छोटे किसानों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ नहीं पड़ेगा.
Arya.ag के Co-founder & Executive Director आनंद चंद्रा ने कहा, भारत-VISTAAR से कृषि सलाह ज्यादा समझदार और आसान बनेगी. इससे छोटे किसानों और महिला किसानों को फसल और बाजार के बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी. महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों पर फोकस आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. असली असर जमीन तक पहुंचने से दिखेगा.”
Redacto.ai के Co-founder & CPO शशांक करिंचेटी ने कहा, डेटा सेंटर को 2047 तक टैक्स राहत भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम है. इससे डेटा लोकलाइजेशन और प्राइवेसी नियमों का पालन आसान होगा. लेकिन सिर्फ डेटा भारत में रखना काफी नहीं है. मजबूत प्राइवेसी सिस्टम बनाना अब जरूरी होगा.
EOSGlobe के CEO & MD अभिनव अरोड़ा ने कहा, बजट 2026 भारत को ग्लोबल क्लाउड और डेटा सर्विस हब के रूप में मजबूत करता है. लंबी अवधि की टैक्स स्थिरता से ग्लोबल कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा. BPM सेक्टर को मेट्रो से बाहर विस्तार का मौका मिलेगा. इससे स्थानीय टैलेंट को नए अवसर मिलेंगे.
Matters.AI के CEO & Co-founder केशव मूर्ति ने कहा, बजट से साफ है कि सरकार AI को मुख्यधारा में लाना चाहती है. शिक्षा, शासन और खेती में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा. अब जरूरी है कि AI सिस्टम डेटा के साथ कैसे काम कर रहे हैं, उस पर नजर रखी जाए. भविष्य AI की ताकत के साथ जिम्मेदारी से तय होगा.
Edgistify के Co-founder and CEO उमंग शुक्ला ने कहा, बजट 2026 लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए अहम मोड़ है, जिसमें MSMEs को सही मायने में ग्रोथ का दूसरा इंजन माना गया है. MSME ग्रोथ फंड और स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी बढ़ाने से उद्यमियों को मजबूती मिलेगी. जैसे जैसे MSMEs आगे बढ़ेंगे, टेक्नोलॉजी आधारित लॉजिस्टिक्स जरूरत बन जाएगी. अब जरूरी है कि सरकार और उद्योग मिलकर नीतियों को जमीन पर उतारें, ताकि भारत की लॉजिस्टिक्स रीढ़ और मजबूत हो सके.
Better Nutrition के Co-Founder & CEO प्रतीक रस्तोगी ने कहा, बजट 2026 खेती की सोच को सिर्फ उत्पादन से आगे ले जाकर गुणवत्ता और पोषण पर केंद्रित करता है. वैल्यू ऐडेड एग्रीकल्चर और बायोफोर्टिफाइड फसलों पर जोर समय की जरूरत है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और लोगों को बेहतर पोषण मिलेगा. यह खेती से ही स्वास्थ्य सुधारने की मजबूत पहल है.
TechnoStruct Academy के Co-Founder & Chairman रॉय अनिरुद्ध ने कहा, बजट 2026 स्किल डेवलपमेंट को इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से जोड़ने की साफ दिशा दिखाता है. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप से इंडस्ट्री और शिक्षा का मजबूत तालमेल बनेगा. डिजिटल और टेक आधारित स्किल प्रोग्राम युवाओं को तैयार करेंगे. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को गति मिलेगी.
Max Saket की Director and Clinical Lead डॉ. कनिका बत्रा मोदी ने कहा, बजट 2026 महिलाओं की सेहत और समग्र हेल्थकेयर को मजबूत करने की सोच दिखाता है. मल्टी स्किल्ड केयरगिवर्स की ट्रेनिंग से मातृ स्वास्थ्य को बड़ा सहारा मिलेगा. जरूरी दवाओं पर टैक्स राहत से इलाज सस्ता होगा. यह मरीज केंद्रित और समावेशी हेल्थ सिस्टम की ओर कदम है.
Nawgati के Co-founder & CEO वैभव कौशिक ने कहा, बजट में फ्यूल और चार्जिंग को एक नेटवर्क की तरह देखना मोबिलिटी सेक्टर के लिए अहम है. EV, डिजिटल पेमेंट और लॉजिस्टिक्स पर फोकस से सिस्टम ज्यादा प्रभावी होगा. अब असली फर्क बेहतर क्रियान्वयन से पड़ेगा. सही अमल से लागत और प्रदूषण दोनों घटेंगे.
SanchiConnect के Co-founder & CEO सुनील शेखावत ने कहा, यह बजट पर्यटन, बायोफार्मा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स को मजबूत करने का संकेत देता है. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर निवेश स्टार्टअप्स के लिए बड़ा मौका है. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से छोटे शहरों को फायदा मिलेगा. कुल मिलाकर यह ग्रोथ को तेज करने वाला बजट है.
TrioTree Technologies के Founder & CEO सुरजीत ठाकुर ने कहा, बजट 2026 हेल्थकेयर में इनोवेशन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को आगे बढ़ाता है. बायोफार्मा शक्ति और कैंसर दवाओं पर राहत सराहनीय है. इससे इलाज सस्ता और सुलभ होगा. यह भारत को ग्लोबल हेल्थ डेस्टिनेशन बनाने की दिशा है.
MYNUSCo के Founder & CEO महादेव चिक्कन्ना ने कहा, बजट 2026 में MSMEs, क्लीन टेक और सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस सकारात्मक है. ये कदम इनोवेशन और हरित विकास को बढ़ावा देंगे. आने वाले समय में सर्कुलर इकॉनमी पर और मजबूत नीतियों की जरूरत है. फिर भी दिशा सही और आशावादी है.
Scalefusion के CEO & Co-founder हरिशंकर कन्नन ने कहा, केंद्रीय बजट में IT सर्विसेज, डेटा सेंटर, क्लाउड और ग्लोबल डिजिटल कनेक्टिविटी पर दिया गया जोर भारत को एक मजबूत टेक्नोलॉजी पावरहाउस बनाने की दिशा दिखाता है. ये नीतियां सुरक्षित और स्केलेबल डिजिटल सॉल्यूशंस को तेजी से अपनाने में मदद करेंगी. अलग अलग जगहों पर काम करने वाली टीमों के लिए यह भविष्य के लिए तैयार IT सिस्टम बनाने का सही समय है. Scalefusion में हम इस बदलाव का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करते हैं.
Motiaz के MD & Co-founder, मुकुल बंसल ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 में कैपेक्स पर मजबूत जोर और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक है. बेहतर कनेक्टिविटी, REIT से जुड़े ढांचे और निजी निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां नए विकास क्षेत्रों के रास्ते खोलेंगी. इससे रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों सेगमेंट में निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा.
MORES के CEO मोहित मित्तल ने कहा, यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से जुड़ी संपत्तियों की सही वैल्यू निकालने की दिशा में आगे बढ़ता है. CPSE एसेट्स के लिए REIT को बढ़ावा देना पारदर्शिता और संस्थागत निवेश को मजबूत करेगा. इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च निवेशकों के लिए भरोसेमंद संकेत है. कुल मिलाकर दिशा स्थिर और सकारात्मक है.
CoWorkZen के Founder & CEO विशाल दत्त वाधवा ने कहा, बजट में टियर 2 और टियर 3 शहरों के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर कोवर्किंग सेक्टर के लिए उत्साहजनक है. बेहतर कनेक्टिविटी से स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियां मेट्रो से बाहर विस्तार की सोच रही हैं. इससे इन शहरों में फ्लेक्सिबल और मैनेज्ड ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ेगी. आने वाले सालों में यह ट्रेंड और मजबूत होगा.
Archon Powerinfra के Promoter, कपिल शर्मा ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 में रिकॉर्ड कैपेक्स से इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास की सरकार की मंशा साफ दिखती है. ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और शहरी ढांचे पर फोकस से लागत घटेगी और रोजगार बढ़ेगा. टियर 2 और टियर 3 शहरों में विकास से संतुलित ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. यह बजट लंबे समय की मजबूत आर्थिक नींव रखता है.
Huella Services की Co-Founder & CEO प्रिंसी रॉय ने कहा, सरकार का AI पर मजबूत फोकस यह दिखाता है कि भारत भविष्य की ग्रोथ के लिए खुद को तैयार कर रहा है. Adtech जैसे सेक्टर्स में AI इनोवेशन की नई राह खोल रहा है. नेशनल AI और रिसर्च मिशन से टेक्नोलॉजी को समावेशी विकास का जरिया बनाया जा रहा है. इससे स्टार्टअप्स को भरोसा मिलेगा और वे देश और दुनिया के लिए असरदार समाधान बना पाएंगे.
Aayom Welfare Society के Secretary प्रेरित मान सिंह ने कहा, बजट में SMEs को समर्थन, टियर 2 और 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और AI जैसी नई टेक्नोलॉजी के जरिए रोजगार व स्किल डेवलपमेंट पर फोकस सराहनीय है. युवाओं के लिए स्किल बिल्डिंग, बुजुर्गों की देखभाल, पशु कल्याण और महिलाओं को जरूरी सेवाओं व शिक्षा तक बेहतर पहुंच पर ध्यान देना सकारात्मक कदम है. अब असली चुनौती यह है कि ये योजनाएं जमीनी स्तर तक सही तरीके से पहुंचें. मजबूत क्रियान्वयन और सामाजिक संगठनों के साथ साझेदारी से ही समावेशी विकास का असली असर दिखेगा.
Vikram Kamats Hospitality Limited के Founder डॉ. विक्रम कामत ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी को रोजगार और आर्थिक विकास का अहम आधार मानना स्वागतयोग्य है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की घोषणा से इस सेक्टर के लिए कुशल और भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनेगी. इको टूरिज्म और डिजिटल डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पर फोकस से जिम्मेदार और समावेशी ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. यह बजट हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लंबे समय के विकास की मजबूत नींव रखता है.
Judge Group India के CTO डॉ. कनिष्क अग्रवाल ने कहा, बजट में AI और नई टेक्नोलॉजी पर साफ फोकस दिखाता है कि भारत समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. AI मिशन और R&D को मजबूती देकर सरकार ने डीप टेक को देश निर्माण का अहम हिस्सा बना दिया है. भारत विस्तार जैसे मल्टीलिंगुअल AI प्लेटफॉर्म से टेक्नोलॉजी सीधे किसानों तक पहुंचेगी. यह इनोवेशन को जमीन से जोड़ने और असली असर पैदा करने की मजबूत कोशिश है.
IIT (ISM) Dhanbad के Deputy Director और TEXMiN के Project Director प्रो. धीरज कुमार ने कहा, बजट 2026 में रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल मिनरल्स पर जोर भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है. मिनरल प्रोसेसिंग के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट और नए नेशनल वॉटरवे से माइनिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी. यूनिवर्सिटी टाउनशिप और STEM इंफ्रास्ट्रक्चर से रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा. इससे इंडस्ट्री और एकेडेमिया का सहयोग और मजबूत होगा.
KP Group के Founder, Chairman & MD डॉ. फारूक जी. पटेल ने कहा, बजट 2026 ने रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन को मजबूत करने की साफ दिशा दिखाई है. रेयर अर्थ कॉरिडोर और लिथियम व निकेल प्रोसेसिंग के लिए प्रोत्साहन आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाएंगे. कार्बन कैप्चर के लिए बड़े निवेश से डीकार्बोनाइजेशन को गति मिलेगी. यह बजट भारत को क्लीन एनर्जी लीडर बनाने की मजबूत नींव रखता है.
Yoginii के Founder & CEO काशिका मल्होत्रा ने कहा, बजट 2026 प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की दिशा में मजबूत कदम है. आयुर्वेद और AYUSH को मुख्यधारा में लाने से रिसर्च और भरोसा दोनों बढ़ेंगे. महिलाओं की सेहत से जुड़े मुद्दों पर खास ध्यान देना बेहद जरूरी था. इससे वेलनेस और स्टार्टअप इनोवेशन को नई गति मिलेगी.
SUNSTONE के Co-founder & CEO आशीष मुंजाल ने कहा, बजट 2026 शिक्षा को भविष्य की नौकरियों से जोड़ने की साफ सोच दिखाता है. इंडस्ट्रियल हब के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप और नए संस्थान छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देंगे. हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल से शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी. AI और डिजिटल लर्निंग से शिक्षा ज्यादा समावेशी बनेगी.
Centurion University, Odisha की Vice Chancellor प्रो. सुप्रिया पट्टनायक ने कहा, शिक्षा बजट 2026 लंबी अवधि की मजबूत नींव रखता है. यूनिवर्सिटी टाउनशिप, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर से देश की क्षमता बढ़ेगी. लड़कियों के हॉस्टल और भारतीय भाषाओं में डिजिटल शिक्षा से भागीदारी बढ़ेगी. यह शिक्षा को परिणाम आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा.
BonV Aero के Co-founder & CEO सत्यब्रत सतपथी ने कहा, बजट 2026-27 भारत की ड्रोन और UAV आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर है. ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स और डिफेंस ड्रोन ऑपरेशंस को मजबूती मिलेगी. SME ग्रोथ फंड और TReDS से डीप टेक कंपनियों को जरूरी पूंजी और लिक्विडिटी मिलेगी. इससे भारत ग्लोबल एयरोस्पेस हब के रूप में उभरेगा.
MrProptek के Co-founder & CPO आगमन भाटिया ने कहा, बजट 2026 आर्थिक स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत फोकस दिखाता है. लेकिन AI जैसे भविष्य के सेक्टर्स में और साहसिक कदम की जरूरत थी. शिक्षा और स्किलिंग में AI को तेजी से जोड़ना जरूरी है. भारत के पास क्षमता है, अब बड़े फैसलों की जरूरत है.
Harmony Infra Ventures के Executive Director एचएस कंधारी ने कहा, बजट ने साफ किया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की ग्रोथ का केंद्र बना रहेगा. बढ़ा हुआ कैपेक्स डेवलपर्स के लिए भरोसा बढ़ाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से निजी निवेश को बल मिलेगा. टियर 2 और 3 शहरों पर फोकस संतुलित विकास की दिशा है.
RealChef के Founder रजत महाजन ने कहा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन उद्योग के भरोसे को दिखाता है. इससे टेक्नोलॉजी अपनाने और लोकल सप्लाई चेन मजबूत होगी. भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका मिलेगा.
Karcher India के CFO संजय गंभीर ने कहा, रिकॉर्ड कैपेक्स से मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और क्लस्टर रिवाइवल से लोकलाइजेशन मजबूत होगा. इससे लागत घटेगी और बाजार की जरूरतों पर तेजी से काम हो सकेगा.
Ritz Media World के Founder रिट्ज मलिक ने कहा, बजट से बिजनेस सेंटिमेंट सकारात्मक हुआ है. इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रोथ पर निवेश से मीडिया और मार्केटिंग सेक्टर को भी फायदा मिलेगा. डिजिटल विज्ञापन का रोल और बढ़ेगा. अब फोकस असरदार और अर्थपूर्ण कम्युनिकेशन पर होगा.
UClean के Founder & CEO अरुणाभ सिन्हा ने कहा, केंद्रीय बजट 2026–27 MSMEs और उद्यमियों के लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम है. ₹10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड और बेहतर फाइनेंसिंग से बढ़ते स्टार्टअप्स को मजबूती मिलेगी. TReDS और इनवॉइस फाइनेंसिंग से कैश फ्लो की दिक्कतें कम होंगी. टियर 2 और 3 शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्र’ जैसी पहल से छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
Scripbox के Managing Partner सचिन जैन ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 तात्कालिक ग्रोथ और लंबे समय के राष्ट्र निर्माण के बीच संतुलन बनाता है. 4.3 प्रतिशत के घाटे के लक्ष्य से ब्याज दरों और महंगाई पर नियंत्रण रहेगा. ₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स रोजगार और आय के नए अवसर बनाएगा. टैक्स में स्पष्टता और आसान नियम लोगों को बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग की दिशा में आगे बढ़ाते हैं.
Dharav High School, Gurugram की Director अदिति मिश्रा ने कहा, केंद्रीय शिक्षा बजट समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम है. गर्ल्स हॉस्टल पर फोकस से सुरक्षा और शिक्षा तक पहुंच बेहतर होगी. स्किलिंग, डिजिटल लर्निंग और टीचर ट्रेनिंग से छात्र आधुनिक दुनिया के लिए तैयार होंगे. अब जरूरी है कि खासकर ग्रामीण इलाकों में इसका सही क्रियान्वयन हो.
Brandman Retail के Founder अरुण मल्होत्रा ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 में स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और किफायती उत्पादों पर दिया गया जोर स्वागतयोग्य है. यह भारत में बढ़ती एक्टिव लाइफस्टाइल और रिटेल डिमांड के अनुरूप है. लोकल और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों दोनों को फायदा मिलेगा. इससे रिटेल इकोसिस्टम के लिए भी नए अवसर खुलेंगे.
Kailash Healthcare की Director डॉ. पल्लवी शर्मा ने कहा, बजट में आयुर्वेद के लिए नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट और AYUSH फार्मेसी को मजबूत करने पर जोर हेल्थकेयर सेक्टर के लिए सकारात्मक है. इससे आयुर्वेद को वैज्ञानिक आधार और वैश्विक भरोसा मिलेगा. रिसर्च और ट्रेनिंग बेहतर होने से प्रिवेंटिव और वेलनेस केयर को भी मजबूती मिलेगी.
BLS E-Services के Chairman शिखर अग्रवाल ने कहा, केंद्रीय बजट 2026 ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साफ तौर पर आगे बढ़ाता है. बैंकिंग सुधारों के लिए उच्च स्तरीय समिति और 10,000 करोड़ रुपये का SME फंड समावेशी विकास को मजबूती देगा. She-Mart जैसी पहल से महिलाओं को व्यवसाय और वित्त तक बेहतर पहुंच मिलेगी.
Sky Air Mobility के CEO एवं Founder अंकित कुमार ने कहा, बजट 2026 से ड्रोन सेक्टर बुनियादी ढांचे पर आधारित उपयोग के नए दौर में प्रवेश कर रहा है. टियर 2 और 3 शहरों पर फोकस से ड्रोन लॉजिस्टिक्स के नए अवसर खुलेंगे. SME ग्रोथ फंड और GeM–TReDS से पूंजी और भुगतान में आसानी होगी. यह ड्रोन को राष्ट्रीय स्तर की अहम लॉजिस्टिक्स क्षमता बनाएगा.
KC GlobEd और GCC School के Founder & CEO डॉ. कमल छाबड़ा ने कहा, इस साल का बजट साफ संकेत देता है कि शिक्षा, स्किलिंग और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा भारत की लंबी आर्थिक सोच के केंद्र में हैं. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI-समर्थित लर्निंग और फ्यूचर रेडी स्किल्स पर जोर से एडटेक सेक्टर को मजबूती मिलेगी. ओवरसीज एजुकेशन पर टैक्स बोझ कम होने से छात्रों के लिए ग्लोबल पढ़ाई आसान होगी. यह बजट भारतीय युवाओं को दुनिया में आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है.
Tourism Hospitality Skill Council (THSC) की Chairperson ज्योति मयाल ने कहा, बजट 2026 में पहली बार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की घोषणा हॉस्पिटैलिटी शिक्षा और स्किलिंग के लिए बदलावकारी कदम है. TCS को 2 प्रतिशत करना ट्रैवल को किफायती बनाएगा और टूरिज्म को बढ़ावा देगा. गाइड ट्रेनिंग, कनेक्टिविटी और इको-टूरिज्म पर फोकस स्वागतयोग्य है.
VYNA Electric के Managing Director संतोष शाह ने कहा, ₹40,000 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के लिए बड़ा सहारा है. इससे क्वालिटी, सप्लाई और प्रतिस्पर्धा तीनों मजबूत होंगी. टियर 2 और टियर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से मांग बढ़ेगी. यह सेक्टर के लिए टिकाऊ ग्रोथ की नींव रखता है.
OPO Hotels and Resorts के CEO संदीप बसु ने कहा, बजट में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर लगातार फोकस हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए सकारात्मक है. बेहतर ट्रांसपोर्ट और PPP मॉडल से नए डेस्टिनेशन उभरेंगे. रोजगार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर ग्रोथ को मजबूती देगा. यह टूरिज्म को आर्थिक विकास का अहम इंजन बनाता है.
CoRover के Founder & CEO अंकुश सभरवाल ने कहा, केंद्रीय बजट ने टेक्नोलॉजी और AI के लिए इरादों से आगे बढ़कर ज़मीन पर अमल का रास्ता दिखाया है. R&D, रिस्क कैपिटल और बड़े स्तर पर अपनाने पर फोकस से डीप टेक को असली असर तक पहुंचाने की सोच साफ दिखती है. एजुकेशन से एम्प्लॉयमेंट तक मजबूत कड़ी और दिव्यांगजनों को टेक के जरिए जोड़ना सराहनीय है. यह बजट भारत को ग्लोबल AI हब बनाने की ठोस नींव रखता है.
JSW One Platforms Limited के Joint Managing Director & CEO गौरव सचदेवा ने कहा, बजट 2026 MSMEs की तीन बड़ी चुनौतियों—पूंजी, नकदी और क्षमता—को व्यवस्थित तरीके से संबोधित करता है. SME ग्रोथ फंड, TReDS और कॉरपोरेट मित्र जैसी पहल से कैश फ्लो और क्रियान्वयन बेहतर होगा. यह तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि लंबे समय के लिए मजबूत सिस्टम बनाने की कोशिश है. इससे मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन MSMEs अनुशासन के साथ आगे बढ़ सकेंगे.
Findoc के Managing Director हेमंत सूद ने कहा, बजट 2026 ग्रोथ और मार्केट सुधारों के बीच संतुलन बनाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल रिफॉर्म्स से लंबी अवधि की मजबूती दिखती है. हालांकि इक्विटी निवेश के लिए टैक्स राहत की उम्मीद थी. निवेशकों के लिए यह अवसर और उतार-चढ़ाव दोनों का संकेत है.
Unocoin के CEO और Co-founder सात्विक विश्वनाथ ने कहा, बजट ने क्रिप्टो सेक्टर को टैक्स राहत नहीं दी, लेकिन कंप्लायंस और पारदर्शिता पर साफ संदेश दिया है. नए पेनल्टी प्रावधान रिपोर्टिंग को गंभीर बनाएंगे. इससे इंडस्ट्री की विश्वसनीयता मजबूत होगी. यह सेक्टर के परिपक्व होने की दिशा में कदम है.
Indira Group के MD नेवी विजय रामावत ने कहा, बजट में फिस्कल डिसिप्लिन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस साफ दिखता है. सेमीकंडक्टर मिशन और डेटा सेंटर प्रोत्साहन भविष्य की क्षमता बनाएंगे. लेकिन बाजार के नजरिये से STT बढ़ाना निराशाजनक है. ऐसे समय में निवेशकों को ज्यादा भरोसे की जरूरत थी.
Ample Group के Founder & CEO राजेश नारंग ने कहा, बजट 2026 रिटेल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए ग्रोथ का मजबूत संकेत देता है. SHE-Mart और SME ग्रोथ फंड से सप्लाई चेन मजबूत होगी. रिकॉर्ड कैपेक्स से लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी सुधरेगी. यह समावेशी और टिकाऊ विकास की दिशा है.
Supertron Electronics के Director Finance & Operations निर्मल कुमार मेहरिया ने कहा, ISM 2.0 और ₹40,000 करोड़ की स्कीम भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की बड़ी पहल है. डेटा सेंटर को 2047 तक टैक्स राहत भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है. इससे IT सेक्टर को स्थिरता और मांग दोनों मिलेंगी. MSMEs और मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी.
Vernost के Founder & CEO पंकज त्रिपाठी ने कहा, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर फोकस भारत को इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाता है. रिसर्च से लेकर वास्तविक इस्तेमाल तक का सपोर्ट सराहनीय है. इससे युवाओं को स्किल्स और अवसर मिलेंगे. टेक्नोलॉजी समावेशी विकास का जरिया बनेगी.
SAIGroup के MD कल्याण कोलाचला ने कहा, बजट ने AI स्टैक में जरूरी निवेश किया है. सेमीकंडक्टर से लेकर डेटा सेंटर और LLM तक सपोर्ट उत्साहजनक है. हालांकि AI ट्रेनिंग और री-स्किलिंग में और निवेश की जरूरत है. भारत इस मौके पर ग्लोबल लीडर बन सकता है.
JIMS Rohini की Associate Professor डॉ. बुशरा ने कहा, बजट शिक्षा और रोजगार को जोड़ने की मजबूत कोशिश है. यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किल हब से प्रैक्टिकल लर्निंग बढ़ेगी. गर्ल्स हॉस्टल से उच्च शिक्षा तक पहुंच सुधरेगी. यह भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाएगा.
Koncept Global Books के Managing Partner अतिशय जैन ने कहा, बजट में रिसर्च और AI आधारित शिक्षा पर जोर सराहनीय है. यह रटने की पढ़ाई से आगे बढ़ने का संकेत है. अब जरूरत है ऐसे कंटेंट की जो थ्योरी और प्रैक्टिस को जोड़े. यही भविष्य की प्रतिभा तैयार करेगा.
Lotus Petal Foundation के Founder & Managing Trustee कुशल राज चक्रवर्ती ने कहा, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और EEE कमेटी शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करेंगी. महिलाओं, दिव्यांगजनों और AI स्किल्स पर फोकस समावेशी है. यह बच्चों के करियर और उद्यमिता दोनों को मजबूत करेगा. बजट दूरदर्शी और संतुलित है.
zingbus के Co-founder & CEO प्रशांत कुमार ने कहा, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी पर फोकस इंटरसिटी ट्रैवल के लिए बड़ा मौका है. नए डेस्टिनेशन तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी. बस नेटवर्क लोकल इकोनॉमी को सपोर्ट करेगा. यह ट्रैवल आधारित ग्रोथ को रफ्तार देगा.
Cancer Treatment Services International के Chairman दिलीप मंगसुली ने कहा, कैंसर की जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाना मरीजों के लिए राहत भरा कदम है. इससे इलाज सस्ता और सुलभ होगा. यह एक संवेदनशील और मरीज केंद्रित फैसला है. देशभर में कैंसर केयर को इससे मजबूती मिलेगी.
Vehant Technologies के Co-founder & CEO कपिल बर्देजा ने कहा, केंद्रीय बजट में ₹12.6 लाख करोड़ का कैपेक्स भारत की ग्रोथ दिशा को मजबूत करता है. SME ग्रोथ फंड, TReDS और नियमों में राहत से कारोबार करना आसान होगा. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी. इससे सुरक्षा और टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम की मांग भी बढ़ेगी.
UTHO Cloud के Co-founder & CEO मनोज ढांडा ने कहा, डेटा सेंटर पर फोकस रोजगार और ग्रोथ के लिए अच्छा कदम है. लेकिन अगर ज्यादा लाभ विदेशी क्लाउड कंपनियों को मिला, तो भारत सिर्फ उपभोक्ता बनकर रह सकता है. असली डिजिटल आत्मनिर्भरता भारतीय क्लाउड प्लेटफॉर्म को मजबूत करने से आएगी. संतुलित नीति से भारत ग्लोबल क्लाउड लीडर बन सकता है.
Universal AI University के Founder & Chancellor तरुण आनंद ने कहा, बजट में यूनिवर्सिटी टाउनशिप और AVGC सेक्टर पर फोकस शिक्षा के लिए गेम चेंजर है. क्रिएटर लैब्स से युवाओं को नई इंडस्ट्री के लिए तैयार किया जाएगा. हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल से उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी. ये पहल भारत को ग्लोबल नॉलेज हब बनाने में मदद करेंगी.
Orion One 32 के Director दुष्यंत सिंह ने कहा, बजट 2026 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक रोडमैप पेश करता है. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर फोकस से टियर 2 शहरों में हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी. फाइनेंस तक आसान पहुंच से खरीदारों और डेवलपर्स दोनों को राहत मिलेगी. यह शहरी विकास के लिए लंबे समय का भरोसा देता है.
KRasa Group के Managing Director अरविंद सिंह ने कहा, केंद्रीय बजट 2026–27 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत देता है, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास पर जोर के चलते. बढ़ा हुआ कैपेक्स, ट्रांजिट डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से कनेक्टिविटी और निवेश भरोसा बढ़ेगा. इससे टियर 2 और टियर 3 शहरों में रियल एस्टेट की मांग मजबूत होगी. हालांकि, किफायती आवास के लिए सीधे प्रोत्साहन की कमी चिंता का विषय है, फिर भी बजट लंबे समय की मजबूत नींव रखता है.
Summercool Home Appliances Ltd के Director of Sales & Marketing आशुतोष गुप्ता ने कहा, केंद्रीय बजट 2026–27 MSMEs को मजबूती देने की सरकार की साफ प्रतिबद्धता दिखाता है. ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड उभरते ब्रांड्स को आगे बढ़ने और टेक्नोलॉजी अपनाने में मदद करेगा. आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त सहायता से छोटे उद्यमों को जरूरी पूंजी मिलेगी. यह बजट MSMEs को भारत की आर्थिक विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ बनाए रखता है.
Oswal Energies के Managing Director रतन बोकाडिया ने कहा, केंद्रीय बजट 2026–27 भारत को औद्योगिक सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के करीब ले जाने वाला अहम कदम है. कार्बन कैप्चर और उपयोग के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान स्टील और सीमेंट जैसे सेक्टर्स के लिए बड़ा सहारा है. इससे उद्योगों को ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने में मदद मिलेगी. यह बजट भारत को लो-कार्बन मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत संकेत देता है.


